Thursday, 13 Aug 2020

ब्रेकिंग न्यूज़-पुलिस का भू- माफियाओं पर संरक्षण बरकरार,मड़ियांव पुलिस का एक और कारनामा

लखनऊ:- उत्तर प्रदेश भाजपा शासनकाल में एक कहावत याद आई हाथी के दांत खाने के और दिखाने के और इसी कहावत अनुसार उत्तर प्रदेश मुखिया योगी आदित्यनाथ द्वारा भू माफियाओं पर नकेल कसने के लिए कई अभियान चलाए गए व एंटी भू माफिया पोर्टल भी बनाया गया परंतु ढाक के तीन पात जांच वही थानों पर पहुंचकर समाप्त इसी कारण प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ही दर्जनों भू माफियाओं के मामले टाँय टाँय फिश हो गए या यूं कहें सत्ता लोभी मौके का फायदा उठा मौजूदा सत्ताधारी पार्टी का झंडा लेकर खुलेआम अपने कामों को अंजाम दे रहे हैं। और पुलिस कही राजनीतिक दबाओ या पैसे के रसूख के आगे बेबस नजर आ रही है । ऐसा ही एक मामला लखनऊ के मडियाव थाना अंतर्गत फैजुल्लागंज चतुर्थ का सामने आया है। जहां लगभग 30 वर्ष पूर्व हरिजन किसान द्वारा अपनी जमीन एक सोसाइटी को बेची दी गई थी। सोसायटी द्वारा आबादी में एक पाक चिन्हित कर जमीन लोगों को बेची गई थी। क्षेत्री लोगों की रजिस्ट्री में सोसाइटी का नक्शा जिसमें पार्क दर्ज है लगा हुआ है। परंतु 30 वर्ष बाद किसान के पुत्र से कुछ भू माफियाओं द्वारा पार्क की खाली पड़ी जमीन खसरा संख्या 160 व 161 सेमरा गौड़ी तहसील व जिला लखनऊ की एग्रीमेंट करवा कर पार्क की भूमि पर कई दर्जन लोगों के साथ कब्जा करने की नियत से नियू खुदवाने लगे ।क्षेत्रीय लोगों की माने तो पार्क पर कब्जा करते समय क्षेत्रीय चौकी प्रभारी व सिपाही भी भू-माफियाओ के साथ मौके पर थे। लोगो पर अवैध असलहा दिखाकर उन्हें अभद्र गालियां देकर भगाया गया । उपरोक्त घटना 5/7/ 2020 लगभग 10:00 बजे की है ।क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश बढ़ता गया भीड़ बढ़ने पर क्षेत्रीय किसान यूनियन लोक शक्ति के मंडल अध्यक्ष मोईद अहमद व अन्य समाजसेवी द्वारा क्षेत्रीय थाना मड़ियांव पर लगातार फोन के बाद थाना पुलिस द्वारा विरोध बढ़ता देख मौके पर निर्माण का रुकवाया गया। दोनों पक्षों को थाने पर बुलाया गया लोगों की मानें तो थाने पर स्पेक्टर विपिन सिंह द्वारा उन्हें अपमानित कर भगाया गया है ।

जिसके बाद किसान संगठन नेता मोहित अहमद सहित लगभग दर्जन भर लोग डीसीपी शालिनी से मिलकर अपनी समस्या से अवगत कराया । तो मामला सीओ अलीगंज के सुपुत्र किया गया । क्षेत्रीय लोगों ने सीओ अलीगंज से समस्त कागजों के साथ शिकायती पत्र के साथ मुलाकात कर अवगत कराया तो सीओ अलीगंज द्वारा आश्वासन दिया गया कि मौके पर यथास्थिति बनी रहेगी। भूमि संबंधित कागजों की जांच करना पुलिस का कार्य नहीं है ।आप संबंधित अधिकारियों व न्यायालय जाएं। ऐसे प्रकरण मड़ियाओं थाना अंतर्गत आम बात है ऐसी घटनाओं में क्षेत्रीय लोगों में पुलिस के प्रति रोष व्याप्त है। तथा प्रदेश की राजधानी में जब भू माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं तो प्रदेश की कानून व्यवस्था की क्या तारीफ की जाए ।ऐसे समय में जब कानपुर एनकाउंटर के बाद यूपी पुलिस पर सवालिया निशान उठ रहे हैं तो ऐसे में मड़ियांव जैसी घटना पुलिस व प्रशासन व शासन की छवि धूमिल करने के लिए काफी है।

 संवाददाता अब्दुल रहमान

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